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Kaviraj " Madhukar"
tumhein hi khaas kehna tha mujhe
tumhein hi khaas kehna tha mujhe | तुम्हें ही खास कहना था मुझे
- Kaviraj " Madhukar"
तुम्हें
ही
खास
कहना
था
मुझे
तुम्हारे
पास
रहना
था
मुझे
तुम्हीं
से
तो
मिला
था
इसलिए
मिला
हर
ज़ख़्म
सहना
था
मुझे
- Kaviraj " Madhukar"
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सुतून-ए-दार
पे
रखते
चलो
सरों
के
चराग़
जहाँ
तलक
ये
सितम
की
सियाह
रात
चले
Majrooh Sultanpuri
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सारी
दुनिया
के
ग़म
हमारे
हैं
और
सितम
ये
कि
हम
तुम्हारे
हैं
Jaun Elia
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अक्सर
ही
ज़ख़्म
इश्क़
में
पाले
हैं
औरतें
पर
कितने
टूटे
मर्द
सँभाले
हैं
औरतें
Abhishar Geeta Shukla
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हर
एक
सितम
पे
दाद
दी
हर
ज़ख़्म
पे
दु'आ
हमने
भी
दुश्मनों
को
सताया
बहुत
दिनों
Nawaz Deobandi
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यूँँ
न
क़ातिल
को
जब
यक़ीं
आया
हम
ने
दिल
खोल
कर
दिखाई
चोट
Fani Badayuni
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छोड़
कर
जाने
का
मंज़र
याद
है
हर
सितम
तेरा
सितमगर
याद
है
अपना
बचपन
भूल
बैठा
हूँ
मगर
अब
भी
तेरा
रोल
नंबर
याद
है
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Salman Zafar
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तुम्हारी
याद
के
जब
ज़ख़्म
भरने
लगते
हैं
किसी
बहाने
तुम्हें
याद
करने
लगते
हैं
Faiz Ahmad Faiz
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ये
बात
अभी
सबको
समझ
आई
नहीं
है
दीवाना
है
दीवाना
तमन्नाई
नहीं
है
दिल
मेरा
दुखाकर
ये
मुझे
तेरा
मनाना
मरहम
है
फ़क़त
ज़ख़्म
की
भरपाई
नहीं
है
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Vikram Gaur Vairagi
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ज़िंदगी
में
आई
वो
जैसे
मेरी
तक़दीर
हो
और
उसी
तक़दीर
से
फिर
चोट
खाना
याद
है
Rohit tewatia 'Ishq'
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ख़ून
से
सींची
है
मैं
ने
जो
ज़मीं
मर
मर
के
वो
ज़मीं
एक
सितम-गर
ने
कहा
उस
की
है
Javed Akhtar
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तुम्हें
दिल
से
निभाना
भी
नहीं
आता
हमें
अपना
बताना
भी
नहीं
आता
कि
हमको
प्यार
करना
आएगा
कैसे
कि
हमको
प्यार
पाना
भी
नहीं
आता
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Kaviraj " Madhukar"
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कभी
उस
में
बहुत
खोने
लगे
थे
हमीं
बर्बाद
ख़ुद
होने
लगे
थे
हमें
रोता
हुआ
सा
देखकर
के
हमारे
यार
सब
रोने
लगे
थे
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Kaviraj " Madhukar"
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नए
इस
साल
में
जंजाल
कैसा
है
पुराना
ठीक
था
ये
साल
कैसा
है
बहुत
कम
लोग
मुझ
सेे
पूछते
हैं
ये
कि
तू
कैसा
है
तेरा
हाल
कैसा
है
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Kaviraj " Madhukar"
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याद
नहीं
करती
है
अब
तो
वो
बिल्कुल
भी
मधुकर
को
भूल
चुकी
है
शायद
वो
अपने
असली
वाले
घर
को
Kaviraj " Madhukar"
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हम
भी
तो
ऐसी
लड़की
को
अपना
कहते
रहते
जो
हमको
ग़ैर
कहा
करती,
ग़ैरों
को
अपना
कहती
है
Kaviraj " Madhukar"
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