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Kaviraj " Madhukar"
mirii soorat use bhaati nahin hai
mirii soorat use bhaati nahin hai | मिरी सूरत उसे भाती नहीं है
- Kaviraj " Madhukar"
मिरी
सूरत
उसे
भाती
नहीं
है
तभी
तो
पास
वो
आती
नहीं
है
जिसे
वो
चाहती
ख़ुद
से
ज़ियादा
उसी
से
दिल
लगा
पाती
नहीं
है
कि
तुम
तो
जा
चुके
दिल
से
हमारे
तुम्हारी
याद
पर
जाती
नहीं
है
- Kaviraj " Madhukar"
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वो
किसी
को
याद
कर
के
मुस्कुराया
था
उधर
और
मैं
नादान
ये
समझा
कि
वो
मेरा
हुआ
Iqbal Ashhar
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मैं
इस
ख़याल
से
शर्मिंदगी
में
डूब
गया
कि
मेरे
होते
हुए
वो
नदी
में
डूब
गया
Siraj Faisal Khan
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दिलों
को
तेरे
तबस्सुम
की
याद
यूँँ
आई
कि
जगमगा
उठें
जिस
तरह
मंदिरों
में
चराग़
Firaq Gorakhpuri
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जाते
जाते
आप
इतना
काम
तो
कीजे
मिरा
याद
का
सारा
सर-ओ-सामाँ
जलाते
जाइए
Jaun Elia
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हम
हार
गए
तुम
जीत
गए
हम
ने
खोया
तुम
ने
पाया
इन
छोटी
छोटी
बातों
का
हम
कोई
ख़याल
नहीं
करते
Wali Aasi
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कर
रहा
था
ग़म-ए-जहाँ
का
हिसाब
आज
तुम
याद
बे-हिसाब
आए
Faiz Ahmad Faiz
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हम
को
यारों
ने
याद
भी
न
रखा
'जौन'
यारों
के
यार
थे
हम
तो
Jaun Elia
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आख़िरी
बार
मैं
कब
उस
से
मिला
याद
नहीं
बस
यही
याद
है
इक
शाम
बहुत
भारी
थी
Hammad Niyazi
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एक
चेहरा
है
जो
आँखों
में
बसा
रहता
है
इक
तसव्वुर
है
जो
तन्हा
नहीं
होने
देता
Javed Naseemi
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कभी
तो
कोसते
होंगे
सफ़र
को
कभी
जब
याद
करते
होंगे
घर
को
निकल
पड़ती
हैं
औलादें
कमाने
परिंदे
खोल
ही
लेते
हैं
पर
को
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Siddharth Saaz
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किसी
को
दिन
किसी
को
रात
का
ग़म
है
यहाँ
सबको
किसी
इक
बात
का
ग़म
है
तुम्हारे
साथ
रहकर
भी
अकेला
हूँ
मुझे
यारा
इसी
इक
बात
का
ग़म
है
तुम्हारे
पास
तो
है
बस
तुम्हारा
ग़म
हमारे
पास
मख़्लूका़त
का
ग़म
है
कहे
कुछ
भी
मगर
सच
तो
यही
है
बस
उसे
मेरे
बुरे
हालात
का
ग़म
है
दिलासा
तो
बहुत
तुम
दे
रहे
मुझको
पता
भी
है
मुझे
किस
बात
का
ग़म
है
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Kaviraj " Madhukar"
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मुहब्बत
के
नियम
कानून
को
हम
तोड़ते
कैसे
कि
जिस
सेे
प्यार
था
हमको
उसे
हम
छोड़ते
कैसे
Kaviraj " Madhukar"
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किसी
से
रब्त
जोड़ूंगा
नहीं
तिरा
मैं
साथ
छोड़ूँगा
नहीं
तुझे
तो
छोड़
सकता
हूँ
मगर
कभी
सिगरेट
छोड़ूँगा
नहीं
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Kaviraj " Madhukar"
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जहाँ
तुम
छोड़
कर
हमको
गए
थे
वहीं
पर
हम
टिके
हैं
यार
कब
से
Kaviraj " Madhukar"
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बहुत
से
लोग
इस
दुनिया
में
हैं
लेकिन
मिरा
दिल
बस
तुम्हारी
ओर
जाता
है
Kaviraj " Madhukar"
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