ishq ab bhi hai par teri chaahat nahin | इश्क़ अब भी है, पर तेरी चाहत नहीं

  - Prit
इश्क़अबभीहै,परतेरीचाहतनहीं
तूज़रूरीहैलेकिनज़रूरतनहीं
दिललगाकरदगाहमनहींकरतेहैं
बे-वफ़ाईहमारीरिवायतनहीं
छोड़दूँ,भूलजाऊँ,येमुमकिननहीं
तूमेरेदिलकीधड़कनहै,आदतनहीं
अपनेहाथोंसेतूनेगँवाईहैजाँ
तुझसेअबपहलेजैसीमोहब्बतनहीं
तूमेराहोकेभीकौनसामेराथा
यानीतुझसेमेरीकोईफ़ुर्क़तनहीं
तूमिलातोतुझेअपनालेंगेमगर
'प्रीत'अबतुझकोपानेकीहसरतनहीं
  - Prit
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy