रोज़इकजंगलमेंपौदाहैबिखरता
अबयेग़ममुझकोनहींहैरानकरता
ख़ुदहीसहनीहोतीहैफ़ुर्क़तकीतकलीफ़
राहीपत्थरकोहटाकरनइँगुज़रता
गरकरोउल्फ़ततोकरनाकुछकमाई
सिर्फ़बातोंसेनहींयेपेटभरता
दास्ताँहररोज़कीअबएकहीहै
गोयापश्चिमसेनहींसूरजउभरता
जबसेवोमुझसेेबिछड़करकेगयाहै
वक़्तअबजोहैकिजल्दीनइँगुज़रता
रोज़केइनहादसोंसेतंगआगयाहूँ
रोज़मरजाताहूँफिरक्यूँनइँमैंमरता