roz ik jungle men pauda hai bikharta | रोज़ इक जंगल में पौदा है बिखरता

  - Naresh sogarwal 'premi'
रोज़इकजंगलमेंपौदाहैबिखरता
अबयेग़ममुझकोनहींहैरानकरता
ख़ुदहीसहनीहोतीहैफ़ुर्क़तकीतकलीफ़
राहीपत्थरकोहटाकरनइँगुज़रता
गरकरोउल्फ़ततोकरनाकुछकमाई
सिर्फ़बातोंसेनहींयेपेटभरता
दास्ताँहररोज़कीअबएकहीहै
गोयापश्चिमसेनहींसूरजउभरता
जबसेवोमुझसेेबिछड़करकेगयाहै
वक़्तअबजोहैकिजल्दीनइँगुज़रता
रोज़केइनहादसोंसेतंगगयाहूँ
रोज़मरजाताहूँफिरक्यूँनइँमैंमरता
  - Naresh sogarwal 'premi'
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