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Prashant Sitapuri
yah daur bura hai to kal achha bhi aayega
yah daur bura hai to kal achha bhi aayega | यह दौर बुरा है तो कल अच्छा भी आएगा
- Prashant Sitapuri
यह
दौर
बुरा
है
तो
कल
अच्छा
भी
आएगा
इस
वक़्त
ज़माने
को
उम्मीद
ये
रखनी
है
- Prashant Sitapuri
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लो
आज
हमने
तोड़
दिया
रिश्ता-ए-उम्मीद
लो
अब
कभी
गिला
न
करेंगे
किसी
से
हम
Sahir Ludhianvi
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एक
भी
उम्मीद
की
चिट्ठी
इधर
आती
नहीं
हो
न
हो
अपने
समय
का
डाकिया
बीमार
है
Kunwar Bechain
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ये
सच
है
नफ़रतों
की
आग
ने
सब
कुछ
जला
डाला
मगर
उम्मीद
की
ठण्डी
हवाएँ
रोज़
आती
हैं
Munawwar Rana
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मैं
हर
शख़्स
के
चेहरे
को
बस
इस
उम्मीद
से
तकता
हूँ
शायद
से
मुझको
दो
आँखें
तेरे
जैसी
दिख
जाएँ
Siddharth Saaz
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मैं
अब
किसी
की
भी
उम्मीद
तोड़
सकता
हूँ
मुझे
किसी
पे
भी
अब
कोई
ए'तिबार
नहीं
Jawwad Sheikh
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तू
मुझे
छोड़
के
ठुकरा
के
भी
जा
सकती
है
तेरे
हाथों
में
मेरे
हाथ
हैं
ज़ंजीर
नहीं
Sahir Ludhianvi
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साया
है
कम
खजूर
के
ऊँचे
दरख़्त
का
उम्मीद
बाँधिए
न
बड़े
आदमी
के
साथ
Kaif Bhopali
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इक
लड़की
से
बात
करो
तो
लगता
है
इस
दुनिया
को
छोड़
के
भी
इक
दुनिया
है
Shadab Asghar
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इस
उम्मीद
पे
रोज़
चराग़
जलाते
हैं
आने
वाले
बरसों
ब'अद
भी
आते
हैं
Zehra Nigaah
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प्यार
करने
की
हिम्मत
नहीं
उनके
पास
और
हम
सेे
किनारा
भी
होता
नहीं
बात
सीधे
कही
भी
नहीं
जा
रही
और
कोई
इशारा
भी
होता
नहीं
उसको
उम्मीद
है
ऐश
होगी
बसर
साथ
में
जब
रहेगी
मिरे
वो
मगर
मुझपे
जितनी
मुहब्बत
बची
है
सखी
इतने
में
तो
गुज़ारा
भी
होता
नहीं
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Divyansh "Dard" Akbarabadi
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ग़मज़दा
इस
ज़िन्दगी
को
देखते
हैं
और
फिर
अपनी
घड़ी
को
देखते
हैं
ये
सुकूँ
मानो
कि
मर
के
चैन
से
हम
जी
रहे
हर
आदमी
को
देखते
हैं
आप
क्या
क्या
देखते
हैं
आप
जानें
हम
मगर
सादा-दिली
को
देखते
हैं
कुछ
कहूँ
हाँ
यार
अच्छा
ये
बताना
कब
से
मुझ
में
रफ़्तगी
को
देखते
हैं?
आप
भी
सबकी
तरह
हैं
'ऐब-बीनी
आप
भी
मेरी
कमी
को
देखते
हैं
प्यार
क्या
है?,
आप
बस
इतना
समझिये
राम
अपनी
जानकी
को
देखते
हैं
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Prashant Sitapuri
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दिन
गुज़ारा
है
कहीं
रात
कहीं
शाम
यहाँ
बेवफ़ाओं
ने
किया
इश्क़
को
बदनाम
यहाँ
Prashant Sitapuri
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कोई
नहीं
जो
मुझको
दुआओँ
में
माँग
ले
यानी
किसी
का
मैं
कभी
सपना
नहीं
हुआ
Prashant Sitapuri
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ये
मान
लिया
मैंने
बदला
हूँ
बहुत
लेकिन
ये
ठीक
है
क्या
पहले
जैसी
ही
रही
हो
तुम
Prashant Sitapuri
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एक
दफ़ा
सबने
रोक
लिया
था
मुझको
वर्ना
तो
मेरे
हाँथो
से
दुनिया
को
आग
लगायी
जाती
Prashant Sitapuri
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