hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Prashant Sitapuri
khul ke bataa rahi mere chehre ki ye chamak
khul ke bataa rahi mere chehre ki ye chamak | खुल के बता रही मेरे चेहरे की ये चमक
- Prashant Sitapuri
खुल
के
बता
रही
मेरे
चेहरे
की
ये
चमक
तस्वीर
मेरी
फोन
में
चूमी
गई
है
आज
- Prashant Sitapuri
Download Sher Image
लिपट
जाते
हैं
वो
बिजली
के
डर
से
इलाही
ये
घटा
दो
दिन
तो
बरसे
Dagh Dehlvi
Send
Download Image
24 Likes
मेरे
रश्क-ए-क़मर
तू
ने
पहली
नज़र
जब
नज़र
से
मिलाई
मज़ा
आ
गया
बर्क़
सी
गिर
गई
काम
ही
कर
गई
आग
ऐसी
लगाई
मज़ा
आ
गया
Fana Bulandshahri
Send
Download Image
38 Likes
हज़ार
बर्क़
गिरे
लाख
आँधियाँ
उट्ठें
वो
फूल
खिल
के
रहेंगे
जो
खिलने
वाले
हैं
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
76 Likes
उस
के
चेहरे
की
चमक
के
सामने
सादा
लगा
आसमाँ
पे
चाँद
पूरा
था
मगर
आधा
लगा
Iftikhar Naseem
Send
Download Image
92 Likes
बिजली
की
तरह
लचक
रहे
हैं
लच्छे
भाई
के
है
बांधी
चमकती
राखी
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
40 Likes
किसी
की
बर्क़-ए-नज़र
से
न
बिजलियों
से
जले
कुछ
इस
तरह
की
हो
ता'मीर
आशियाने
की
Anwar Taban
Send
Download Image
22 Likes
बिजली
जाने
पर
भी
जो
चिल्लाता
था
तेरे
जाने
पर
वो
क्यूँ
ख़ामोश
रहा
?
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
57 Likes
यूँँ
देखिए
तो
आँधी
में
बस
इक
शजर
गया
लेकिन
न
जाने
कितने
परिंदों
का
घर
गया
जैसे
ग़लत
पते
पे
चला
आए
कोई
शख़्स
सुख
ऐसे
मेरे
दर
पे
रुका
और
गुज़र
गया
Read Full
Rajesh Reddy
Send
Download Image
46 Likes
हया
से
सर
झुका
लेना
अदास
मुस्कुरा
देना
हसीनों
को
भी
कितना
सहल
है
बिजली
गिरा
देना
Akbar Allahabadi
Send
Download Image
26 Likes
किस
ने
भीगे
हुए
बालों
से
ये
झटका
पानी
झूम
के
आई
घटा
टूट
के
बरसा
पानी
Arzoo Lakhnavi
Send
Download Image
16 Likes
Read More
दिन
गुज़ारा
है
कहीं
रात
कहीं
शाम
यहाँ
बेवफ़ाओं
ने
किया
इश्क़
को
बदनाम
यहाँ
Prashant Sitapuri
Send
Download Image
1 Like
मेरा
चेहरा
नहीं
बताता
है
दोस्त
अंदर
से
मैं
भी
टूटा
हूँ
Prashant Sitapuri
Send
Download Image
6 Likes
है
यही
उलझन
,
यही
है
बेबसी
हम
कहाँ
को
और
जाएँ
किस
गली
दिन
गए
जब
थे
दिवाने
हम
तिरे
अब
नहीं
है
यार
कोई
तिश्नगी
सबको
नीचा
ही
दिखाना
है
उसे
और
कर
ही
क्या
सका
है
आदमी
उसको
भूलो
वो
पुरानी
बात
है
अब
तो
अच्छी
कट
रही
है
ज़िन्दगी
भाग
कर
आना
किसी
मैंदान
से
और
क्या
होगी
सिवाए
बुजदिली
जिस
तरह
देखा
है
मैंने
आपको
दुश्मनी
से
भी
बुरी
है
दोस्ती
'जौन'
पीछे
रह
गए
तो
क्या
हुआ
मैं
करूँगा
बात
सब
सेे
काम
की
Read Full
Prashant Sitapuri
Download Image
1 Like
अंदर
से
जो
भी
टूटा
है
बाहरस
खुलकर
हँसता
है
जो
मेरी
बात
समझता
हो
कोई
शख़्स
नहीं
ऐसा
है
मैंने
जो
भी
देखा
है
कल
मेरी
नजरों
का
धोखा
है
अब
बात
नहीं
पहले
जैसी
अब
मजबूरी
का
रिश्ता
है
सब
लोग
मेरे
बारे
में
क्यूँँ
कहते
हैं
लड़का
अच्छा
है
इक
दिन
मैं
जब
मर
जाऊँगा
देखेँ
कौन
यहाँ
रोता
है
तस्वीर
तेरी
,
ज़ाम
,
किताबें
बस
इतना
मेरा
कमरा
है
दिल
पर
जब
आ
बनती
है
तब
सब
कहते
हैं
दिल
बच्चा
है
ईद
चली
जाती
हो
जब
तुम
मेरा
चाँद
नहीं
दिखता
है
Read Full
Prashant Sitapuri
Download Image
4 Likes
मुझको
बनाना
हू-ब-हू
मुमकिन
नहीं
है
अब
तुम
जो
बना
रहे
मेरा
चरबा
बना
रहे
Prashant Sitapuri
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Breakup Shayari
Qismat Shayari
Life Shayari
Bahan Shayari
Mazdoor Shayari