मुझेअपनाबनानेकाहुनरहीकबकिसीमेंथा
मैंसहराचाहताथापरसमुन्दरज़िन्दगीमेंथा
जुदाईकासबबकुछतोमैंभीहूँऔरयेभीबात
मुहब्बतसेज़ियादारब्तउसकादोस्तीमेंथा
अबउसकादूसराहैख़ासतोहैरतनहींकोई
यहीइकऐबहैजोइब्तिदासआदमीमेंथा
सहीअपनीजगहथीवो,सहीअपनीजगहथामैं
सोयेइल्ज़ामआयाआख़िरशगड़बड़घड़ीमेंथा
किसीदिनआपकोमिलजाएगीकमरेसेमेरीलाश
ख़बरमेंयेभीआएगाकिलड़काआशिक़ीमेंथा
प्रशांतसीतापुरी