मैं घड़ी दो घड़ी नहीं करता

  - Prashant Sitapuri
मैंघड़ीदोघड़ीनहींकरता
इसलिएआशिक़ीनहींकरता
जोज़रूरीहैआदमीकेलिए
कामवोआदमीनहींकरता
आपतोफ़ाएदाउठातेहैं
आपसेदोस्तीनहींकरता
बातकरताहैसाथदेनेकी
शख़्सजोबातहीनहींकरता
ज़ख़्मकुछरहतेहैंहमेशाहरे
वक़्तसबकुछसहीनहींकरता
हाल-ए-दिलकरताहूँबयाँअपना
मैंकोईशा'इरीनहींकरता
मुझकोआएथेदेखनेवाले
कहदियानौकरीनहींकरता
आपसचमेंउतरगएदिलसे
आपसेमस्ख़रीनहींकरता
  - Prashant Sitapuri
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