अकेलाहीचलाथामैंअकेलेहीसफ़रमेंहूँ
मगरमैंकार-आमदहूँदु'आमेंहूँअसरमेंहूँ
ख़ताहोकोईमुझसेेऔरलोगोंकोमिलेमौक़ा'
संभलकरपैररखताहूँज़मानेकीनज़रमेंहूँ
ज़हरकेहूबहूबातेंनिकलनेकायहीकारन
ज़हरहीमुझ
मेंहैयातोरगो-पैमैंज़हरमेंहूँ
तुआलीहैतूनेहीरंककोराजाबनायाहै
ख़ुदातूमेरीसुनलेमैंहमेशासेसिफ़रमेंहूँ
कभीसोंचोकिमैंहरबातपरहरबारक्यूँँराजी
मेरीउल्फ़ततुझेखोनेसेडरताहूँतोडरमेंहूँ
जोअच्छेदिलकेहैंयारोंवहीगुमनामरहतेहैं
मैंझूठाहूँफ़रेबीहूँमगरजानाँख़बरमेंहूँ
मेरातोख़ूबमनकरताकिउसकेघरकोजाऊँमैं
मगरवोयेनहींकहताचलेआओमैंघरमेंहूँ