किसीसीनेपेआहटदी,किसीकाँधेपेसररक्खा
हुएकितनेभीबेपरवाहमगरबसएकघररक्खा
ज़मानेनेयेसाजिशकी,किसीकेहमनहोपाएँ
ख़ुदीपेआशनालेकिनहमींनेहरपहररक्खा
वोचलताहैतोअक्सरआदतनग़मभूलजाताहै
यहीबससोचकरहमनेबड़ालम्बासफ़ररक्खा
अकेलापनहीरहताहैवफ़ाकेरेगज़ारोंमें
यूँँहीबसदिलबहलजाएसोहमनेइकशजररक्खा
तिरेहरदर्दको'बेबार'नाज़ोंसेसँभालेहै
मुझेजिसहालमेंछोड़ा,उसीकोफिरबसररक्खा