vaqt | वक़्त

  - Pragya Chakrapani
वक़्त
गुज़रताहुआवक़्त
कुछकहगयामुझसेे
फिरलौटकरनाआऊँगा
तुमथामसकोतोथामलो
मैंभीदौड़करउसेपकड़नेचली
दोनोंहाथोंमेंक़ैदकरनेको
मगरजबहाथखोलकरदेखा
तोवोरेतकीतरहमेरेहाथोंसे
फिसलचुकाथाऔर
जोरहगयाथापीछे
वोहथेलीपरसजेमेरेआँसू
मेरीतरसतीहुईनिगाहें
दिलमेंदर्दकासमुंदर
काग़ज़भरनेकोये
चंदअल्फ़ाज़
  - Pragya Chakrapani
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