safar | "सफ़र"

  - Pragya Chakrapani
"सफ़र"
येसफ़रअगरचलतारहायूँँही
जानेकहाँतकपहुँचेगेहम
मंज़िलकातोकुछपतानहीं
बसएकउम्मीदहैकि
शायदकोईठिकानामिलजाए
जहाँचंदपलफ़ुर्सतकेबिताएँ
औरफिरसेएक
नएसफ़रकीओरजाएँ
येसफ़रकासिलसिलाआख़िर
ख़त्मक्यूँनहींहोता
ख़ाकमेंमिलजातेहैं
सबमुसाफ़िरएकदिन
मगरयेसफ़रहैकि
बसचलतारहताहै
  - Pragya Chakrapani
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