kuchh to hai | "कुछ तो है"

  - Pragya Chakrapani
"कुछतोहै"
कुछतोहैकहींदूर
जोमुझजैसाहीहै
शायदमेराहीअक्स
बादलोंकेबीचकहीं
छिपाहुआबैठाहै
जीकरताहैकि
इनबादलोंकेपीछेजाकरदेखूँकभी
कुछतोहैकहींदूर
उससमुंदरकीगहराईसा
एकदमशांत
जैसेकुछकहेगामुझसेेअभी
शायदइसकीगहराईमें
घनाशोरछिपाहै
कुछतोहैकहींदूर
उसमहकीपुरवाईसा
एकसिहरनलिए
एकख़ुशबूकाएहसास
जिसनेशायदकईंबार
छुआहैमुझे
कुछतोहैकहींदूर
इसहंगा
मेंभरेशहरमें
सहमीहुईख़ामोशीसा
जिसनेकईंबारमुझसेे
कुछकहनाचाहा
मगरमैंसुननासकी
कुछतोहैकहींदूर
  - Pragya Chakrapani
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