husn nikhere nahin utarta rahe | हुस्न निखरे नहीं उतरता रहे

  - Piyush Mishra 'Aab'
हुस्ननिखरेनहींउतरतारहे
ज़िंदगीभरभलेवोसँवरतारहे
छोड़करवोगयातोख़ुदायेकरे
दूसराइश्क़उसकोअखरतारहे
वोदिखाहीनहींअबबहुतदिनहुए
लौटभीयेमौसमनिखरतारहे
रामकेदेशमेंचाहतेहैंसभी
धर्मजीतारहेद्वेषमरतारहे
ख़ुदासिर्फ़इतनाहमेंचाहिए
कामचलतारहेपेटभरतारहे
  - Piyush Mishra 'Aab'
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