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Parvez Zaami
aap ki iltifaat hai saaqi
aap ki iltifaat hai saaqi | आप की इल्तिफ़ात है साक़ी
- Parvez Zaami
आप
की
इल्तिफ़ात
है
साक़ी
रक़्स
में
जो
हयात
है
साक़ी
- Parvez Zaami
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कुछ
ख़ुशियाँ
कुछ
आँसू
दे
कर
टाल
गया
जीवन
का
इक
और
सुनहरा
साल
गया
Unknown
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ये
हक़ीक़त
है,
मज़हका
नहीं
है
वो
बहुत
दूर
है,
जुदा
नहीं
है
तेरे
होंटों
पे
रक़्स
करता
है
राज़
जो
अब
तलक
खुला
नहीं
है
जान
ए
जांँ
तेरे
हुस्न
के
आगे
ये
जो
शीशा
है,
आइना
नहीं
है
क्यूँ
शराबोर
हो
पसीने
में
मैं
ने
बोसा
अभी
लिया
नहीं
है
उस
का
पिंदार
भी
वहीं
का
वहीं
मेरे
लब
पर
भी
इल्तेजा
नहीं
है
जो
भी
होना
था
हो
चुका
काज़िम
अब
किसी
से
हमें
गिला
नहीं
है
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Kazim Rizvi
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वो
ज़ालिम
मेरी
हर
ख़्वाहिश
ये
कह
कर
टाल
जाता
है
दिसंबर
जनवरी
में
कोई
नैनीताल
जाता
है?
Munawwar Rana
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हो
न
हो
एक
ही
तस्वीर
के
दो
पहलू
हैं
रक़्स
करता
हुआ
तू
आग
में
जलता
हुआ
मैं
Shahid Zaki
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जब
भी
कहता
हूँ
कब
मिलेंगे
हम
टाल
देता
है
क्या
पता
कह
कर
Shadab Javed
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दिल
की
तमन्ना
थी
मस्ती
में
मंज़िल
से
भी
दूर
निकलते
अपना
भी
कोई
साथी
होता
हम
भी
बहकते
चलते
चलते
Majrooh Sultanpuri
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देख
ज़िंदाँ
से
परे
रंग-ए-चमन
जोश-ए-बहार
रक़्स
करना
है
तो
फिर
पाँव
की
ज़ंजीर
न
देख
Majrooh Sultanpuri
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मैं
होश-मंद
हूँ
ख़ुद
भी
सो
मेरी
ग़ज़लों
में
न
रक़्स
करता
है
'आशिक़
न
बाल
खींचता
है
Charagh Sharma
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करे
जो
क़ैद
जुनूँ
को
वो
जाल
मत
देना
हो
जिस
में
होश
उसे
ऐसा
हाल
मत
देना
जो
मुझ
सेे
मिलने
का
तुमको
कभी
ख़याल
आए
तो
इस
ख़याल
को
तुम
कल
पे
टाल
मत
देना
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Kashif Adeeb Makanpuri
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तुम्हारी
याद
के
गहरे
भँवर
में
तख़य्युल
रक़्स
करना
चाहता
है
Gaurav Singh
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मुरझा
गए
हैं
फूल
याँ
अहद-ए-बहार
में
कश्मीर
की
सुना
था
ये
जन्नत
का
नाम
है
Parvez Zaami
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तुम
को
मैं
बा-ख़िरद
समझता
था
तुम
तो
अच्छा
सा
मशवरा
देते
Parvez Zaami
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आबरू
बज़्म
की
हमीं
से
है
बज़्म
में
हम
नहीं
तो
कुछ
भी
नहीं
Parvez Zaami
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शमीम-ए-हैदर
अली
क़लंदर
तू
बंदा
पर्वर
अली
क़लंदर
सवाली
जाते
हैं
झोली
भर
कर
करम
का
मेहवर
अली
क़लंदर
न
औरों
के
दर
से
माँगते
हैं
तिरे
गदागर
अली
क़लंदर
वफ़ा-शिआरी
तुझी
से
सीखी
वफ़ा
का
पैकर
अली
क़लंदर
पियासे
आए
हैं
तिरे
दर
पर
पिलाओ
कौसर
अली
क़लंदर
ये
शान
तेरी
के
तूने
पाई
वसी-मोअत्तर
अली
क़लंदर
बदल
दे
'ज़ामी'
का
तू
मुक़द्दर
निगाह-ए-मेहर
अली
क़लंदर
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Parvez Zaami
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सोचता
हूँ
तिरे
अलावा
तो
ये
क़लम
मुझ
से
रूठ
जाती
है
Parvez Zaami
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