ishq mohkam nahin to kuchh bhi nahin | इश्क़ मोहकम नहीं तो कुछ भी नहीं

  - Parvez Zaami
इश्क़मोहकमनहींतोकुछभीनहीं
यारहमदमनहींतोकुछभीनहीं
दुनियाकितनीहीख़ूब-सूरतहो
आपबाहमनहींतोकुछभीनहीं
हासिल-ए-बंदगीमिरीक्याफिर
तूफ़राहमनहींतोकुछभीनहीं
आबरूबज़्मकीहमींसेहै
बज़्ममेंहमनहींतोकुछभीनहीं
दर्द-ए-दिलकीदलीलहैंआँसू
चश्मपुर-नमनहींतोकुछभीनहीं
ज़िंदगीनामहैअज़िय्यतका
ज़ीस्तमेंग़मनहींतोकुछभीनहीं
दिलजोख़ुर्रमहै'ज़ामी'सबकुछहै
दिलजोख़ुर्रमनहींतोकुछभीनहीं
  - Parvez Zaami
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