माबूद और महबूब में कोई फ़र्क़ नहीं होता

  - Milan Gautam
माबूदऔरमहबूबमेंकोईफ़र्क़नहींहोता
दिलकायेदस्तूरकभीभीख़र्क़नहींहोता
जिसनेइकतस्वीरकेआगेअश्कबहाएहों
उसबंदेकाप्यारयक़ीननज़र्क़नहींहोता
हिज्रजलाताहैदिलकोरफ़्ता-रफ़्तावर्ना
दिल-ए-बिरिश्तापागल-पनसेहर्क़नहींहोता
मुट्ठीमेंभरलेनेकेदोनोंहीनहींक़ाइल
औलादऔरपानीमेंकोईफ़र्क़नहींहोता
इसआतिशमेंसोनाकभीनहींबनताकुंदन
इश्क़मेंख़ाकहीहोताहैदिलबर्क़नहींहोता
दिलपत्थरहैयापूराकोहसार'मिलन'मसलन
उसकीझीलसीआँखोंमेंभीगर्क़नहींहोता
  - Milan Gautam
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