क्षितिज की आख़िरी हद तक कोई साया नहीं जाता

  - Milan Gautam
क्षितिजकीआख़िरीहदतककोईसायानहींजाता
मिरीमंज़िलकीजानिबकोईभीरस्तानहींजाता
लबोंसेफूँक-करवोमेरीआँखेंसाफ़करतीथी
फिरउसकेबादसेआँखोंमेंभीकचरानहींजाता
मोहब्बतकेमुसाफ़िरराहमेंतन्हाहीचलतेहैं
येबातऔरहैकिख़ल्वतमेंसफ़रअच्छानहींजाता
मैंइकसूखाहुआजंगलजिसेहैइश्तियाक़-ए-आब
वोइकपुर-आबबादलउससेेपरबरसानहींजाता
मोहब्बतइकअलामतहैमोहब्बतदाग़दामनपर
सोयेजिसपरभीलगजाएकभीधब्बानहींजाता
मुकम्मलहोहोअबदिलमेंकोईऔरआएगा
किसीभीदीनकावाहिदख़ुदाबदलानहींजाता
दरख़्तोंसेअलगहोजातेहैंसूखेहुएपत्ते
'मिलन'जीछोड़जानेवालोंकोरोकानहींजाता
  - Milan Gautam
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