जब इनायत के लिए ख़ुद वो ख़ुदा मजबूर होगा

  - Milan Gautam
जबइनायतकेलिएख़ुदवोख़ुदामजबूरहोगा
तबदिल-ए-नादाँज़रासाइश्क़मेंमग़रूरहोगा
शा'इरीकरतेहुएइकरोज़इसमहफ़िलमेंउसकी
इश्क़मेंकोईफ़नाहोगाकोईमशहूरहोगा
एकसाहिरखेलतारहताहैहमसबकेदिलोंसे
औरहमयेसोचतेहैंअबमज़ाभरपूरहोगा
टूटजातेहैंबहुतसेआशिक़ोंकेदिलवफ़ामें
अबकेचे-मी-गोईयोंकावहमचकनाचूरहोगा
नूर-ज़ागरकोईख़्वाबोंसेभीज़्यादामिलगयातो
वोयक़ीननहीकिसीजन्नतकाकोईनूरहोगा
चाँदमैंउसकाबनूँगाईदवोमेरीबनेगी
माहसबरमज़ानहोंगेइश्क़तबमैसूरहोगा
  - Milan Gautam
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