गुमाँ में बदगुमानी की सियाहत ज़म न हो जाए

  - Milan Gautam
गुमाँमेंबदगुमानीकीसियाहतज़महोजाए
तिरीइसबे-नियाज़ीसेदग़ाकाभ्रमहोजाए
येवक़्फ़ा-ए-मोहब्बतहीसहीपररब्तमेंतोरह
कहींमेरीमोहब्बतकातकब्बुरकमहोजाए
तबस्सुमकोलबोंकेसाथरहनेदेपरी-ज़ादी
तुझेयूँँदेखकरमायूसमुझकोग़महोजाए
कियाहैइश्क़तोसब्र-ओ-तहम्मुलभीज़रूरीहै
तसाहुलमेंकोईक़ुदसीकहींआदमहोजाए
हमारीक़ुर्बतोंकीदूरियोंमेंएकहीडरहै
मुलाक़ातोंकेबिनतेरीमोहब्बतकमहोजाए
चलेआओकिक़ुर्बतकीज़रूरतहैनियाज़ीको
अकेलेपनकेबाइसजिस्ममेराख़महोजाए
वोआँखेंरबकिसीजौहरकीवाहिदतर्जुमानीहैं
नज़र-भरदेखलूँबीनाईमेरीकमहोजाए
दवाएँदोदुआएँदोमगरइनएहतिमामोंसे
मिरेनासूरज़ख़्मोंपर'मिलन'मरहमहोजाए
  - Milan Gautam
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy