दिल लगाकर आज़माऊँ या करूँँ उसकी इताअत

  - Milan Gautam
दिललगाकरआज़माऊँयाकरूँँउसकीइताअत
हैबुत-ए-कमसिनयगानासरसेपातकपुर-नफ़ासत
इससेेबेहतरमरहम-ए-ज़ंगारक्याहीहोसकेगा
उनकोदेखेसेजोमिलतीहैमिरीआँखोंकोराहत
इनकेदुश्मनतोनिकलतेहैंघरानेसेइन्हींके
प्यारकरनेवालोंकीदुश्मननहींहोतीजमाअत
मैंतोउसकीबे-रुख़ीपरभीनहींकरसकतानालिश
जुर्मभीउसकाहैजजभीवोउसीकीहैअदालत
दीनभीहैदेवताभीहै'मिलन'वोशख़्स-ए-वाहिद
मैंउसेपूजूँयाजाऊँऔरकरूँँउसकीज़ियारत
  - Milan Gautam
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