hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Praveen Sharma SHAJAR
munaafiqon se koii raabta nahin rakhta
munaafiqon se koii raabta nahin rakhta | मुनाफ़िकों से कोई राब्ता नहीं रखता
- Praveen Sharma SHAJAR
मुनाफ़िकों
से
कोई
राब्ता
नहीं
रखता
कि
लौटने
का
तो
मैं
रास्ता
नहीं
रखता
मैं
उस
पे
छोड़
के
बैठा
हूँ
कार
उल्फ़त
भी
वो
एक
शख़्स
जो
पास-ए-वफ़ा
नहीं
रखता
मैं
तोड़
कर
के
दिल
उसका
उसे
रुला
आया
मैं
झूठ-मूठ
का
तो
आसरा
नहीं
रखता
कि
चार
इश्क़
गँवाए
हैं
फिर
भी
ज़िंदा
हूँ
और
आप
कहते
हैं
मैं
हौसला
नहीं
रखता
- Praveen Sharma SHAJAR
Download Ghazal Image
मेरे
ख़त
को
तू
जब
पढ़ना
ज़रा
सा
ध्यान
से
पढ़ना
मेरे
ख़त
में
शिकायत
के
अलावा
भी
बहुत
कुछ
है
Praveen Sharma SHAJAR
Send
Download Image
3 Likes
हम
उसके
साथ
चलना
चाहते
थे
पसंद
उसको
मगर
बैसाखियाँ
थीं
Praveen Sharma SHAJAR
Send
Download Image
0 Likes
मुझको
जीने
का
हौसला
दीजे
वरना
रिश्तों
का
फ़ाएदा
क्या
है
Praveen Sharma SHAJAR
Send
Download Image
40 Likes
ख़ुशी
के
गीत
गाए
जा
रहा
हूँ
मैं
इक
सदमा
दबाए
जा
रहा
हूँ
मेरे
दिल
पर
अभी
है
वेहशत-ए-बू
सो
ख़ुशबू
में
नहाए
जा
रहा
हूँ
वो
मुझको
छोड़
देना
चाहती
है
मगर
मैं
ही
निभाए
जा
रहा
हूँ
शग़फ़
तितली
से
मुझको
क्या
रहेगी
मैं
रस्म-ए-गुल
निभाये
जा
रहा
हूँ
Read Full
Praveen Sharma SHAJAR
Download Image
1 Like
हम
सेे
ऐसा
भला
क्या
नहीं
हो
रहा
क्यूँँ
कोई
भी
हमारा
नहीं
हो
रहा
आपकी
शर्त
भी
मान
लेते
मगर
फ़ाइदा
भी
तो
अपना
नहीं
हो
रहा
दिल
में
हिम्मत
नहीं
है
मुहब्बत
की
और
बिन
मुहब्बत
गुज़ारा
नहीं
हो
रहा
अब
इबादत
न
ज़ाया'
करो
आज
कल
हम
सेे
वैसे
भी
सजदा
नहीं
हो
रहा
गिरते
पड़ते
यहाँ
तक
मैं
आ
तो
गया
लेकिन
आगे
का
रस्ता
नहीं
हो
रहा
Read Full
Praveen Sharma SHAJAR
Download Image
2 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Akhbaar Shayari
Majboori Shayari
One sided love Shayari
Rishta Shayari
Qatil Shayari