agar qaai | अगर क़ैदी तमन्ना-ए-रिहाई छोड़ देता है

  - Praveen Sharma SHAJAR
अगरक़ैदीतमन्ना-ए-रिहाईछोड़देताहै
ख़ुदाभीउसकेहक़मेंफिरभलाईछोड़देताहै
यहीअंजामहोताहैउसेपालेनेकाअक्सर
उसेपालेअगरबन्दाकमाईछोड़देताहै
ज़रूरतबंदोंकोउनकेघरोंसेदूरकरतीहै
वगरनाकौनसर्दीमेंरज़ाईछोड़देताहै
नुमाइशकौनकरताहैग़मोंकीबर-सर-ए-महफ़िल
फ़क़तमय-ख़ानेमेंबंदाख़ुदाईछोड़देताहै
उसेमिलनानहींआताउसेजानानहींआता
चलाजाताहैख़ुदवोपररज़ाईछोड़देताहै
'शजर'तुमकोमुहब्बतहीनहींआतीवगरनाक्यूँँ
हरइकमहबूबतुमपरहीजुदाईछोड़देताहै
  - Praveen Sharma SHAJAR
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