sahan ae gulshan men kabhi jab bhi teraa naam liya | सहन ए गुलशन में कभी जब भी तेरा नाम लिया

  - Nirmal Nadeem
सहनगुलशनमेंकभीजबभीतेरानामलिया
बढ़केमुँहबादबहारीनेमेराथामलिया
राहदिलमेंभीगवाराहुईख़ामोशी
फ़ैसलाजोभीलियामैंनेबहंगामलिया
मेरेहाथोंकीलकीरोंमेंचमकभरआई
तेरेक़दमोंकोहथेलीपेहीजबथामलिया
मिटगईप्यासफ़रिश्तोंकीभीसदियोंकेलिए
मैंनेजबदस्तहिनाईसेतेरेजामलिया
मेरीइसदरियादिलीपरहोंदोआलमक़ुर्बान
अक़्लहोतेहुएभीदिलसेसदाकामलिया
अपनीक़िस्मतपेसितारोंनेबहाएआँसू
मैंनेबोसाजोकभीतेरालबबामलिया
सुब्हसूरजजोतबस्सुमसेतेरेचमकाथा
मैंनेवोसाराहिसाबउससेेसरशामलिया
मुझकोकाफ़िरवोकहेंयाकिबिरहमनमानें
मैंनेतोतेरीइबादतकीतेरानामलिया
इतनीचाहतथीतेरीदीदकीआँखोंमेंनदीम
मेरीपलकोंनेतमामउम्रआरामलिया
  - Nirmal Nadeem
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