gulon ka rang na vo chaandni ka saaya tha | गुलों का रंग न वो चाँदनी का साया था

  - Nirmal Nadeem
गुलोंकारंगवोचाँदनीकासायाथा
हमारेख़्वाबमेंकलराततूहीआयाथा
वोख़ुशबुओंकीतरहकेबसगयामुझ
में
वोएकशख़्सजोकलतकबहुतपरायाथा
अबउसकीशाख़पेआएहैंफूलनूरानी
ज़मींपेदिलकीजोदुखकाशजरलगायाथा
वफ़ाकेक़त्लपेजबतीरगीउतारूथी
जुनूँनेख़ूनसेअपनेदियाजलायाथा
अभीभीदश्तकीवीरानियोंमेंरहताहै
हुईथीजिसकोमुहब्बत,जोमुस्कुरायाथा
उसीमेंहमभीथेतुमभीथेइश्क़भीतोथा
वोएकक़िस्साजोहमनेतुम्हेंसुनायाथा
नदीमजानूपेसररखकेसोरहीहैक़ज़ा
कहाँयेजातीइसेमैंनेहीबुलायाथा
  - Nirmal Nadeem
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