याद-ए-माज़ी ठीक नहीं है

  - Nikhil Tiwari 'Nazeel'
याद-ए-माज़ीठीकनहींहै
कहदोकुछभीठीकनहींहै
आँखोंसेकुछअश्क़बहाओ
इतनीख़ुश्कीठीकनहींहै
सबकहतेहैंज़ीस्तहमारी
पहलेजैसीठीकनहींहै
अबलगताहैयारख़ुदास
ज़्यादाअर्ज़ीठीकनहींहै
सागरनेअफ़वाहउड़ाई
बहतापानीठीकनहींहै
मँझधारोंसेजूझरहेहैं
जिनकीकश्तीठीकनहींहै
सारेपंछीलौटगएहैं
अबवोबस्तीठीकनहींहै
  - Nikhil Tiwari 'Nazeel'
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