ik ishq baaz ko ye zamaana sahi laga | इक इश्क़ बाज़ को ये ज़माना सही लगा

  - Nikhil Tiwari 'Nazeel'
इकइश्क़बाज़कोयेज़मानासहीलगा
हाँठीकहैचलोयेबहानासहीलगा
वोजिसतरहसेतीरचलाकरगयाअभी
उससेेकहोकिआजनिशानासहीलगा
आफ़ाक़रौशनीसेचकाचौंधहोसके
क्याइससबबमेंदश्तजलानासहीलगा
मुझकोख़ुशामदीकीज़रासीतलबनहीं
बसआजिज़ोंमेंनामकमानासहीलगा
जोआलम-ए-ख़यालहक़ीक़तसमझरहे
उनकोज़मींकीधूलदिखानासहीलगा
इसमय-कशीनेख़त्मकियाघूँटघूँटमें
साक़ीतिराभीवक़्तबचानासहीलगा
येज़िंदगीउधारमेंहीख़र्चहोगई
अबबैठकेहिसाबमिलानासहीलगा
  - Nikhil Tiwari 'Nazeel'
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy