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Neeraj Nainkwal
usne poocha hi nahin tab ghar men aane ke li.e
usne poocha hi nahin tab ghar men aane ke li.e | उसने पूछा ही नहीं तब घर में आने के लिए
- Neeraj Nainkwal
उसने
पूछा
ही
नहीं
तब
घर
में
आने
के
लिए
मैं
गया
था
पास
जिसके
दिल
लगाने
के
लिए
- Neeraj Nainkwal
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इसी
उम्मीद
से
मैं
देखता
हूँ
रास्ता
उसका
वो
आएगा
ज़मी
बंजर
में
इक
दिन
घर
उगाने
को
Kushal "PARINDA"
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नताएज
जब
सर-ए-महशर
मिलेंगे
मोहब्बत
के
अलग
नंबर
मिलेंगे
तुम्हारी
मेज़बानी
के
बहाने
कोई
दिन
हम
भी
अपने
घर
मिलेंगे
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Khurram Afaq
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कुल
जोड़
घटाकर
जो
ये
संसार
का
दुख
है
उतना
तो
मिरे
इक
दिल-ए-बेज़ार
का
दुख
है
शाइर
हैं
तो
दुनिया
से
अलग
थोड़ी
हैं
लोगों
सबकी
ही
तरह
हमपे
भी
घर
बार
का
दुख
है
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Ashutosh Vdyarthi
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घर
से
निकले
थे
हौसला
कर
के
लौट
आए
ख़ुदा
ख़ुदा
कर
के
ज़िंदगी
तो
कभी
नहीं
आई
मौत
आई
ज़रा
ज़रा
करके
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Rajesh Reddy
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उसके
इश्क़
में
बाल
बढ़ाने
वालों
सुन
लो
उसके
घर
वाले
तो
पैसा
देखेंगे
Shaad Imran
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घर
की
इस
बार
मुकम्मल
मैं
तलाशी
लूँगा
ग़म
छुपा
कर
मिरे
माँ
बाप
कहाँ
रखते
थे
Unknown
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अब
के
सावन
में
शरारत
ये
मिरे
साथ
हुई
मेरा
घर
छोड़
के
कुल
शहर
में
बरसात
हुई
Gopaldas Neeraj
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मौत
न
आई
तो
'अल्वी'
छुट्टी
में
घर
जाएँगे
Mohammad Alvi
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वो
शाख़
है
न
फूल,
अगर
तितलियाँ
न
हों
वो
घर
भी
कोई
घर
है
जहाँ
बच्चियाँ
न
हों
Bashir Badr
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पास
मैं
जिसके
हूँ
वो
फिर
भी,
अच्छा
लड़का
ढूँढ़
रही
है
उसने
लगा
रक्खा
है
चश्मा,
और
वो
चश्मा
ढूँढ़
रही
है
फ़ोन
किया
मैंने
और
पूछा,
अब
तक
घर
से
क्यूँँ
नहीं
निकली
उस
ने
कहा
मुझ
सेे
मिलने
का,
एक
बहाना
ढूँढ़
रही
है
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Tanoj Dadhich
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ख़ूब-सूरत
दीवाने
धनी
लोग
हैं
इस
ज़माने
में
सब
मतलबी
लोग
हैं
Neeraj Nainkwal
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मेरी
आँखों
की
नमी
पर
बात
की
है
लगता
है
तेरी
कमी
पर
बात
की
है
ख़ूब-सूरत
सोच
है
लड़की
तुम्हारी
तुमने
तो
हर
आदमी
पर
बात
की
है
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Neeraj Nainkwal
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आख़िरी
बेंच
पर
यूँँ
बुलाकर
मुझे
आई
लव
यूँ
कहा
मुस्कुराकर
मुझे
Neeraj Nainkwal
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जाना
चाहते
नहीं
मगर
जाएँ
शायद
अब
हम
रोते-रोते
घर
जाएँ
शायद
तेरे
जाने
से
भरे
दरिया
सूखे
हैं
हम
वक़्त
से
पहले
भी
मर
जाएँ
शायद
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Neeraj Nainkwal
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तुम
जो
होते
ख़ूब-सूरत
होती
और
भी
ज़िंदगी
पर
रदीफ़ों
के
बिना
भी
ग़ज़लें
ग़ज़लें
होती
हैं
Neeraj Nainkwal
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