jism loot kar kisi ka tab ye ishq paana hai | जिस्म लूट कर किसी का तब ये इश्क़ पाना है

  - Vikas Shah musafir
जिस्मलूटकरकिसीकातबयेइश्क़पानाहै
कैसादौरचलरहायेकौनसाज़मानाहै
लुटगईग़ज़लकिआबरूमियाँकेशे'रसे
मुझकोफिरसेकुर्ताबहरकानयासिलानाहै
अबग़ज़लसेदिललगालियाहैतोलगालिया
अबमुझेग़ज़लकेसाथमेंहीघरबसानाहै
कितनेबारपकड़ीजाचुकीहोउसकेसाथतुम
बोलोकोईऔरझूठहैजोअबबतानाहै
किसकेसाथक्याकियाहैक्यानहींबतादोअब
सचउगलवालेंगेमेरेपासताज़ियानाहै
तुमउसेअनाड़ीकहरहेहोना-समझहोतुम
वोनएलिबासमेंहैआदमीपुरानाहै
छोड़देनाहाथबीचमेंहमेंक़ुबूलहै
परतुम्हारादिलहीअबहमाराआशियानाहै
मैंभलानशेमेंक्यूँरहताइतनाहोनेपर
दिलमेंतेरीयादऔरघरशराब-ख़ानाहै
  - Vikas Shah musafir
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