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Najib Murad
ek muddat se tu laapata hai
ek muddat se tu laapata hai | एक मुद्दत से तू लापता है
- Najib Murad
एक
मुद्दत
से
तू
लापता
है
ढूॅंढने
से
भी
तू
कब
मिला
है
हर
घड़ी
याद
में
तू
है
शामिल
मेरी
धड़कन
से
तू
कब
जुदा
है
बस
ये
बातें
सताती
हैं
मुझको
क्यूँँ
तू
पहला
नहीं
दूसरा
है
ख़ुश
मैं
इस
बात
पे
हो
गया
हूँ
तेरा
मेरा
तो
एक
रास्ता
है
मेरी
नादानी
पर
हॅंस
रहे
हो
तुम
तो
कहते
थे
तू
आईना
है
मेरी
अब
जा
के
क़ीमत
बढ़ी
है
जब
से
तूने
मुझे
पढ़
लिया
है
ज़हर
कैसे
उसे
हम
पिलाऍं
जिसके
हाथों
से
पानी
पिया
है
अपनी
ज़ुल्फ़ों
का
आदी
बना
के
पूछते
हो
मुझे
क्या
हुआ
है
- Najib Murad
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इन
आँखों
को
देखा
तो
ऐसा
लगा
चलो
अब
भॅंवर
में
उतर
जाते
हैं
Najib Murad
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ये
किसकी
रौशनी
है
जो
मुझ
में
समाई
है
जो
रफ़्ता
रफ़्ता
कर
रही
है
रहनुमा
मुझे
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Najib Murad
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थक
कर
वो
नौकरी
से
कहने
लगा
है
लड़का
मेरे
लिए
तो
बस
तुम
इतवार
ले
के
आना
Najib Murad
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उम्मी
समझ
रहे
थे
ज़माने
में
सब
जिन्हें
नाज़िल
उन्हीं
पे
देखिए
क़ुरआन
हो
गया
Najib Murad
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सब्र
करना
जहाॅं
पे
था
मुश्किल
शुक्र
शब्बीर
ने
किया
उस
पर
Najib Murad
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