par khule to ud ga.e neele gagan men | पर खुले तो उड़ गए नीले गगन में

  - Mukesh Guniwal "MAhir"
परखुलेतोउड़गएनीलेगगनमें
औरचिड़ियाढूँढ़तीबच्चेचमनमें
तीनटुकड़ेउसनेघरकेकरदिएपर
फिरभीघरचलतारहाउसकेकहनमें
सरसेलेकरपाँवतकछलनीपड़ाहूँ
घावपरदिखतानहींकोईबदनमें
अबमुझेदौलतज़ियादाचाहिएहै
जेबसिलदीकिसनेयेमेरेकफ़नमें
यारकोईतोनयासादर्ददोतुम
अबनयापनचाहिएतर्ज़-ए-सुख़नमें
मारनारावणकोहर-दमहीसरलहै
जोविभीषणसाथहोलंकादहनमें
छोड़केमाँकीशरणसुखढूँढतेहम
पाठमेंपूजाइबादतआचमनमें
  - Mukesh Guniwal "MAhir"
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