vo mire zakhm bharna chahte the | वो मेरे ज़ख़्म भरना चाहते थे

  - Mukesh Guniwal "MAhir"
वोमेरेज़ख़्मभरनाचाहतेथे
जुनूँकेपरकतरनाचाहतेथे
हमउनकेबिनहीजीतेजारहेहैं
किजिनकेसाथमरनाचाहतेथे
अभीरोटीकमानेमेंलगेहैं
जोदुनियाबसमेंकरनाचाहतेथे
हँसीकीएकचादरओढ़लीहै
मिरेकुछदर्दउभरनाचाहतेथे
तुमअबदिलसेउतरतेजारहेहो
कभीदिलमेंउतरनाचाहतेथे
हमेंदुनियाकेजैसाकरचलेहो
हमींथेजोसुधरनाचाहतेथे
सिसकतेउनकोभीहमनेसुनाहै
जोदिलफौलादकरनाचाहतेथे
यहीइकलतहमेंलेडूबीमाहिर
भलासबकाहीकरनाचाहतेथे
  - Mukesh Guniwal "MAhir"
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