zulf ke dore na daalo yaar mujh par | ज़ुल्फ़ के डोरे न डालो यार मुझ पर

  - Mukesh Jha
ज़ुल्फ़केडोरेडालोयारमुझपर
आजइतनातोकरोउपकारमुझपर
क्याहुआमुझकोमुझेकुछतोबताओ
हँसरहेहैंइश्क़केबीमारमुझपर
कबतलकफेरेंगेमुझसेेआपनज़रें
इकनज़रतोडालिएसरकारमुझपर
रोज़तोझगड़ाकियाकरतेहोमुझसे
आजक्यूँँबरसारहेहोप्यारमुझपर
उसपेमैंनेभीकहीदोचारग़ज़लें
उसनेभीनज़्मेंकहीदोचारमुझपर
जबसेमैंतेरीकहानीकाहूँहिस्सा
अबनहींजँचताकोईकिरदारमुझपर
जानताथाघूमफिरकेआएगाही
इश्क़काइल्ज़ामआख़िरकारमुझपर
क्यापतामुझकोकिआख़िरक्यूँँबिठाए
उसकेघरवालोंनेपहरेदारमुझपर
इश्क़तोआसानहै,मैंकरभीलेता
हैटिकालेकिनमेराघर-बारमुझपर
  - Mukesh Jha
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