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Kavi Naman bharat
raah unse hamaari alag yuñ rahi
raah unse hamaari alag yuñ rahi | राह उन सेे हमारी अलग यूँँ रही
- Kavi Naman bharat
राह
उन
सेे
हमारी
अलग
यूँँ
रही
साथ
चलकर
कभी
हम
मिले
ही
नहीं
- Kavi Naman bharat
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दुश्मनी
कर
मगर
उसूल
के
साथ
मुझ
पर
इतनी
सी
मेहरबानी
हो
मेरे
में'यार
का
तक़ाज़ा
है
मेरा
दुश्मन
भी
ख़ानदानी
हो
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Akhtar Shumar
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किसी
ने
ख़्वाब
में
आकर
मुझे
ये
हुक्म
दिया
तुम
अपने
अश्क
भी
भेजा
करो
दु'आओं
के
साथ
Afzal Khan
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तेरे
साथ
भी
मुश्किल
पड़ता
था
तेरे
बिन
तो
गुजारा
क्या
होता
गर
तू
भी
नहीं
होता
तो
न
जाने
दोस्त
हमारा
क्या
होता
Siddharth Saaz
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तुम्हें
ज़रूर
कोई
चाहतों
से
देखेगा
मगर
वो
आँखें
हमारी
कहाँ
से
लाएगा
तुम्हारे
साथ
ये
मौसम
फ़रिश्तों
जैसा
है
तुम्हारे
बा'द
ये
मौसम
बहुत
सताएगा
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Bashir Badr
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अभी
तो
जाग
रहे
हैं
चराग़
राहों
के
अभी
है
दूर
सहर
थोड़ी
दूर
साथ
चलो
Ahmad Faraz
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पता
करो
कि
मेरे
साथ
कौन
उतरा
था
ज़मीं
पे
कोई
अकेला
नहीं
उतरता
है
Ahmad Abdullah
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क्यूँँ
चलते
चलते
रुक
गए
वीरान
रास्तो
तन्हा
हूँ
आज
मैं
ज़रा
घर
तक
तो
साथ
दो
Adil Mansuri
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शर्तें
लगाई
जाती
नहीं
दोस्ती
के
साथ
कीजे
मुझे
क़ुबूल
मिरी
हर
कमी
के
साथ
Waseem Barelvi
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फिरता
है
कैसे-कैसे
सवालों
के
साथ
वो
उस
आदमी
की
जामातलाशी
तो
लीजिए
Dushyant Kumar
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ये
ज़ुल्फ़
अगर
खुल
के
बिखर
जाए
तो
अच्छा
इस
रात
की
तक़दीर
सँवर
जाए
तो
अच्छा
जिस
तरह
से
थोड़ी
सी
तेरे
साथ
कटी
है
बाक़ी
भी
उसी
तरह
गुज़र
जाए
तो
अच्छा
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Sahir Ludhianvi
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जमाना
समझता
हमारा
विरह
है
बिछड़
के
अलग
हम
हुए
ही
नहीं
हैं
Kavi Naman bharat
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प्यार
की
बात
आए
बुलाना
मुझे
छोड़
के
मैं
ज़माना
चला
आऊँगा
Kavi Naman bharat
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कलयुगी
प्रेम
वो
जो
टिका
स्वार्थ
पर,
प्रेम
करना
यहाँ
तो
स्वयं
से
करो
Kavi Naman bharat
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प्यार
ख़ुद
से
मिलाता
ये
कहते
हैं
सब
प्यार
ने
पर
हमें
हम
सेे
तन्हा
किया
Kavi Naman bharat
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नज़र
का
नज़र
को
भुलाना
वही
है
नज़र
का
अभी
पर
चुराना
वही
है
तुम्हें
प्यार
करना,विरह
को
बुलावा
विरह
से
स्वयं
को
कमाना
वही
है
अलग
जो
हुए
हम
न
हम
हैं
रहे
हम
दिवानी
मगर
ये
दिवाना
वही
है
भले
ही
भुलाना
कदम
है
तुम्हारा
मगर
प्यार
मेरा
पुराना
वही
है
मुझे
सब
तुम्हारा
सदा
पूछते
हैं
अभी
तक
तुम्हें
पर
छुपाना
वही
है
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Kavi Naman bharat
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