kaash aisi bhi koii soorat ho | काश ऐसी भी कोई सूरत हो

  - Mohammed Ibrahim
काशऐसीभीकोईसूरतहो
ख़्वाबहैजोमिराहक़ीक़तहो
सोचताहूँतोदिलधड़कताहै
तुममिरीसाँसकीसहूलतहो
तुमहीकोदेखकरगुज़ारीहै
ज़िंदगीऐसीजिससेेवहशतहो
ख़ुश्कीलबपरनहींतिरेजँचती
चूमलूँमैंअगरइजाज़तहो
हमनहींजौनपरजानेक्यूँँ
तुममिरीआख़िरीमोहब्बतहो
  - Mohammed Ibrahim
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