नज़र से नज़र की मिली जब कहानी

  - Mohammed Ibrahim
नज़रसेनज़रकीमिलीजबकहानी
सुनातेरहेआँसुओंकीज़बानी
सुकूँहैतिरीबातमेंइसक़दरक्यूँ
किलगतीहैजैसेकोईइकनिशानी
तूपासफिरभीहैमहसूसहरदम
तिरीयादमेरीहुईमेहरबानी
चलोछोड़देंयेगिलावक़्तसेअब
किमिलतीनहींहैवफ़ारातपानी
मैंचुपहूँमगरयेतिरीयादबोले
हैख़ामोशियोंमेंभीइकसुरबयानी
  - Mohammed Ibrahim
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