उठाकेचलताहूँमैंअपनीज़ातकीगर्दन
बहुतबड़ीहैमेरेतजरेबातकीगर्दन
फलाँकीऊँचीरहेऔरफलाँकीनीचीरहे
नजानेकिसनेबनाईहैज़ातकीगर्दन
यूँँटूटताहैसिकंदरकेआगेसबकाग़ुरूर
केशयकेआगेहीझुकतीहैमातकीगर्दन
वोज़िद्दीलड़कीअभीतकभीमुझसेेहैनाराज़
पकड़केबैठीहैबसएकबातकीगर्दन
मशक्कतोंसेपरेशानियोंसेतंगआकर
दबोचदूँगामैंइकदिनहयातकीगर्दन