mahtaab ek din lab-e-baam aa ke ruk gaya | महताब एक दिन लब-ए-बाम आ के रुक गया

  - Amaan mirza
महताबएकदिनलब-ए-बामकेरुकगया
औरइंतिज़ारदीदकाशामकेरुकगया
क्यानामदूँउसेजोथादोनोंकेदरमियाँ
क्यासिलसिलाथाजोसर-ए-आमकेरुकगया
करनेकोकामजितनेथेसारेकिएमगर
करनाथाजिसकोपूरावोकामकेरुकगया
पहलेतोमुझकोदूरसेहैरतसेदेखाऔर
जानिबवोफिरमेरेबुत-ए-फ़ामकेरुकगया
दिलपरलगीजोचोटतोयादआएकुछअज़ीज़
औरमेरेहोंठोंपरतेरानामकेरुकगया
चखनाकभीतुमउनकेभीहोंठोंकारसअज़ीज़
लगताहैजैसेहोंठोंपेजामकेरुकगया
  - Amaan mirza
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