कोई तुझ को भी है ढूँडता जोगिया

  - MIR SHAHRYAAR
कोईतुझकोभीहैढूँडताजोगिया
तूकहाँखोगयासर-फिराजोगिया
जिसकीहैजुस्तजूवोतोहैहीनहीं
अबयेज़िदछोड़देमानजाजोगिया
ज़ख़्म-ए-जाँमुश्किलोंसेभराथामिरा
तूनेक्यूँँमुझकोफिरछूलियाजोगिया
वोजोमुझमेंकोईशख़्सथाउसकोमैं
उम्रभरयादकरतारहाजोगिया
कबतलकख़ुदसेयूँँहीख़फ़ाबैठेगा
कोईहैमुंतज़िरलौटजोगिया
कौनसमझेगादिलकाफ़सानायहाँ
रहनेदेअन-कहाअन-सुनाजोगिया
देखतोघरमेंभीअबबहारआईहै
अपनेअंदरसेतूबाहरजोगिया
आजफिरउसगलीजानेकीज़िदकर
हश्रहैबरपाकू-ए-जफ़ाजोगिया
ख़ुदसेहाराहुआइकमुसाफ़िरहैतू
क्याहीमंज़िलहैक्यारास्ताजोगिया
येमदीनेकेउसकूचेकीख़ाकहै
औरमलतनकोख़ाक-ए-शिफ़ाजोगिया
कलतलकतोथेविर्द-ए-ज़ुबाँयेकहो
फिरहुएक्यावोहर्फ़-ए-दुआजोगिया
जोहुआवोतोहोनाहीथाएकदिन
कबतलकख़ुदकोदेगासज़ाजोगिया
दिलकेसहरामेंफिरगूँजतीहैसदा
कबकोईआएगाहम-नवाजोगिया
यादकीलौमेंजलतारहाउम्रभर
क्यायेलाज़िमथामरनासदाजोगिया
जिसमहककोमैंसोचोंमैंढूँडाकरूँँ
वोमहकबनगईफ़ासिलाजोगिया
वोजोपागलसाशाइरथाइक'शहरयार'
उसकीहैकुछख़बरकुछपताजोगिया
  - MIR SHAHRYAAR
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy