jism itne the koii saaya nahin | जिस्म इतने थे कोई साया नहीं

  - MIR SHAHRYAAR
जिस्मइतनेथेकोईसायानहीं
मैंनेभीसोकिसीकोपायानहीं
मैंकिसीदश्तकीतरफ़गयाथा
औरफिरलौटकरमैंआयानहीं
उम्रभरख़ुदकोढूँढतारहामैं
उम्रभरख़ुदकोमैंनेपायानहीं
होशकीनींदगईथीमुझे
फिरकभीहोशमेंमैंआयानहीं
रातकेचारबजनेकोहैंयार
लगताहैआजभीवोआयानहीं
कितनेचेहरेनज़रसेगुज़रेमगर
कोईइनआँखोंमेंसमायानहीं
ख़ुदसेख़ुदकोछुपायाहैलेकिन
आजतकतुमसेकुछछुपायानहीं
देखतेरहगएसभीकिसीने
डूबतेलड़केकोबचायानहीं
मैंख़ुदअपनाअज़ाबथाकिसीने
मुझकोमेरेसिवासतायानहीं
ताक़-ए-दिलपरदियारखातोगया
फिरकिसीनेउसेजलायानहीं
येमोहब्बतथीख़तकोईबेनाम
जिसकाकोईजवाबआयानहीं
हरहक़ीक़तहैबससराबसराब
मैंनेआईनातकसजायानहीं
तुममिरेपासहोतअज्जुबहै
दिलनेफिरभीसुकूनपायानहीं
हमकिसीकेलिएसमुंदरथे
परकिसीनेहमेंबहाएानहीं
  - MIR SHAHRYAAR
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