hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Manoj Devdutt
ham khuraafaat par utar aayen to kya hogaa
ham khuraafaat par utar aayen to kya hogaa | हम ख़ुराफ़ात पर उतर आएँ तो क्या होगा
- Manoj Devdutt
हम
ख़ुराफ़ात
पर
उतर
आएँ
तो
क्या
होगा
हम
जो
औकात
पर
उतर
आएँ
तो
क्या
होगा
- Manoj Devdutt
Download Sher Image
ऐसे
तेवर
दुश्मन
ही
के
होते
हैं
पता
करो
ये
लड़की
किस
की
बेटी
है
Zia Mazkoor
Send
Download Image
56 Likes
सहने
वाले
को
गर
सब्र
आ
जाए
तो
फिर
समझो
कहने
वालों
की
औक़ात
फ़क़त
दो
कौड़ी
की
है
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
8 Likes
हर
एक
लफ़्ज़
के
तेवर
ही
और
होते
हैं
तेरे
नगर
के
सुख़न-वर
ही
और
होते
हैं
तुम्हारी
आँखों
में
वो
बात
ही
नहीं
ऐ
दोस्त
डुबोने
वाले
समुंदर
ही
और
होते
हैं
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
62 Likes
लहजा
ही
थोड़ा
तल्ख़
है
दुनिया
के
सामने
वैसे
तो
ठीक
ठाक
हूँ
मैं
बोल-चाल
में
Ankit Maurya
Send
Download Image
44 Likes
पहले
तो
तुम्हें
जान
पुकारेंगे
यही
लोग
फिर
ख़ुद
ही
तुम्हें
जान
से
मारेंगे
यही
लोग
मुँह
पर
तो
बड़े
फ़ख्र
से
ता'ईद
करेंगे
फिर
पीठ
में
खंज़र
भी
उतारेंगे
यही
लोग
Read Full
Ashraf Ali
Send
Download Image
7 Likes
शाख़ों
से
टूट
जाएँ
वो
पत्ते
नहीं
हैं
हम
आँधी
से
कोई
कह
दे
कि
औक़ात
में
रहे
Rahat Indori
Send
Download Image
429 Likes
ऐसे
डरे
हुए
हैं
ज़माने
की
चाल
से
घर
में
भी
पाँव
रखते
हैं
हम
तो
सँभाल
कर
Adil Mansuri
Send
Download Image
25 Likes
अपनी
हस्ती
का
भी
इंसान
को
इरफ़ांन
हुआ
ख़ाक
फिर
ख़ाक
थी
औक़ात
से
आगे
न
बढ़ी
Shakeel Badayuni
Send
Download Image
20 Likes
साल
के
तीन
सौ
पैंसठ
दिन
में
एक
भी
रात
नहीं
है
उसकी
वो
मुझे
छोड़
दे
और
ख़ुश
भी
रहे
इतनी
औक़ात
नहीं
है
उसकी
Muzdum Khan
Send
Download Image
67 Likes
सौ
चाँद
भी
चमकेंगे
तो
क्या
बात
बनेगी
तुम
आए
तो
इस
रात
की
औक़ात
बनेगी
Dagh Dehlvi
Send
Download Image
43 Likes
Read More
वो
कहते
हैं
पैसा
कुछ
भी
नहीं
मैं
कहता
हूँ
ऐसा
कुछ
भी
नहीं
तुम
बन
जाती
हो
रानी
जैसी
मुझ
में
राजा
जैसा
कुछ
भी
नहीं
जब
मैं
पूछूँ
क्या
है
हमारे
बीच
तो
कहती
है
वैसा
कुछ
भी
नहीं
Read Full
Manoj Devdutt
Download Image
1 Like
हद
दर्द
की
सब
पार
होने
लगी
माँ
जब
कभी
बीमार
होने
लगी
मुझपर
हुकूमत
तो
किसी
की
नहीं
पर
माँ
मेरी
सरकार
होने
लगी
मुझ
सेे
भले
सब
छीन
ले
ओ
ख़ुदा
बस
माँ
मेरी
दरकार
होने
लगी
अब
अर्थ
माँ
का
ही
मोहब्बत
बना
माँ
मेरा
पहला
प्यार
होने
लगी
चारागरी
मुझपर
हुई
फ़ेल
जब
फिर
माँ
दवा
हरबार
होने
लगी
हर
बार
मुझको
माँ
सुकूँ
देती
रही
बस
माँ
मेरा
इतवार
होने
लगी
जब
मुश्किलों
में
फँस
गया
था
'मनोज'
माँ
मेरी
फिर
पतवार
होने
लगी
Read Full
Manoj Devdutt
Download Image
1 Like
उसने
जब
से
हम
दोनों
को
जुदा
किया
है
फिर
कब
मैंने
उस
पत्थर
को
ख़ुदा
किया
है
उसको
नावों
की
सवारी
अच्छी
लगती
थी
बस
उसके
ख़ातिर
ख़ुद
को
नाख़ुदा
किया
है
Read Full
Manoj Devdutt
Send
Download Image
1 Like
अफ़सोस
उस
पर
क्या
करूँँगा
मैं
जो
हाथ
में
है
ही
नहीं
मेरे
Manoj Devdutt
Send
Download Image
1 Like
हदें
दीवानगी
की
जब
दिखा
देगी
तभी
नफ़रत
का
दरिया
वो
सुखा
देगी
मोहब्बत
जब
किसी
से
हो
गई
तो
जो
नहीं
करते
तलब
उसकी
करा
देगी
नहीं
जो
शब्द
कह
सकते
थे
वो
सब
कुछ
हमेशा
एक
ख़ामोशी
बता
देगी
कभी
मैं
हारने
वाला
था
तो
फिर
इक
मुझे
उम्मीद
देकर
वो
जिता
देगी
सभी
की
रात
पर
वो
राज़
करती
है
सभी
को
ख़्वाब
मर्ज़ी
के
दिखा
देगी
Read Full
Manoj Devdutt
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Poverty Shayari
Raqs Shayari
Shohrat Shayari
Kamar Shayari
Mazdoor Shayari