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Manoj Devdutt
raat bhar jaage nahin hain ham
raat bhar jaage nahin hain ham | रात भर जागे नहीं हैं हम
- Manoj Devdutt
रात
भर
जागे
नहीं
हैं
हम
घर
से
फिर
भागे
नहीं
हैं
हम
टूट
जाएँ
जल्द
इतने
भी
कच्चे
फिर
धागे
नहीं
हैं
हम
हर
दफ़ा
आगे
रहेगी
तू
कुछ
तेरे
आगे
नहीं
हैं
हम
- Manoj Devdutt
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दफ़्तर
में
तय
किया
था
कि
तारे
गिनेंगे
आज
लेकिन
हमें
पहुंचते
ही
घर
नींद
आ
गई
Balmohan Pandey
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तेरी
आँखों
के
लिए
इतनी
सज़ा
काफ़ी
है
आज
की
रात
मुझे
ख़्वाब
में
रोता
हुआ
देख
Abhishek shukla
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मौत
ने
सारी
रात
हमारी
नब्ज़
टटोली
ऐसा
मरने
का
माहौल
बनाया
हमने
घर
से
निकले
चौक
गए
फिर
पार्क
में
बैठे
तन्हाई
को
जगह-जगह
बिखराया
हमने
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Shariq Kaifi
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उसे
यूँँ
चेहरा-चेहरा
ढूँढता
हूँ
वो
जैसे
रात-दिन
सड़कों
पे
होगा
Shariq Kaifi
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जब
चाहें
सो
जाते
थे
हम,
तुम
सेे
बातें
करके
तब
उल्टी
गिनती
गिनने
से
भी
नींद
नहीं
आती
है
अब
इश्क़
मुहब्बत
पर
ग़ालिब
के
शे'र
सुनाए
उसको
जब
पहले
थोड़ा
शरमाई
वो
फिर
बोली
इसका
मतलब?
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Tanoj Dadhich
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जिस
पर
हमारी
आँख
ने
मोती
बिछाए
रात
भर
भेजा
वही
काग़ज़
उसे
हम
ने
लिखा
कुछ
भी
नहीं
Bashir Badr
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सखी
को
हमारी
नज़र
लग
न
जाए
उसे
ख़्वाब
में
रात
भर
देखते
हैं
Sahil Verma
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ख़मोश
झील
के
पानी
में
वो
उदासी
थी
कि
दिल
भी
डूब
गया
रात
माहताब
के
साथ
Rehman Faris
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चाँद
तारे
इक
दिया
और
रात
का
कोमल
बदन
सुब्ह-दम
बिखरे
पड़े
थे
चार
सू
मेरी
तरह
Aziz Nabeel
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मेहरबाँ
हम
पे
हर
इक
रात
हुआ
करती
थी
आँख
लगते
ही
मुलाक़ात
हुआ
करती
थी
हिज्र
की
रात
है
और
आँख
में
आँसू
भी
नहीं
ऐसे
मौसम
में
तो
बरसात
हुआ
करती
थी
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Ismail Raaz
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दिल
बनकर
दरिया
आँखों
से
बह
गया
है
अब
उस
जगह
पे
बस
इक
पत्थर
रह
गया
है
Manoj Devdutt
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राह
से
पत्थर
हटाता
जा
रहा
हूँ
ठोकरों
को
ही
गिराता
जा
रहा
हूँ
Manoj Devdutt
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रिश्ते
बचाते
जा
रहा
हूँ
आँसू
बहाते
जा
रहा
हूँ
अब
ध्यान
सबका
ही
रखा
पर
ख़ुद
को
सताते
जा
रहा
हूँ
वो
पूछते
हैं
दर्द
मुझ
सेे
मैं
मुस्कुराते
जा
रहा
हूँ
हर
बार
अपनी
ज़ात
से
बस
मैं
मात
खाते
जा
रहा
हूँ
उसकी
मदद
करनी
है
मुझको
छिपते
छिपाते
जा
रहा
हूँ
मेरी
ख़ुशी
रूठी
हुई
है
उसको
मनाते
जा
रहा
हूँ
महताब
को
तस्वीर
तेरी
अब
मैं
दिखाते
जा
रहा
हूँ
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Manoj Devdutt
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अफ़सोस
उस
पर
क्या
करूँँगा
मैं
जो
हाथ
में
है
ही
नहीं
मेरे
Manoj Devdutt
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तेरे
नज़दीक
आकर
सोचता
हूँ
हक़ीक़त
है
या
कोई
ख़्वाब
है
ये
Manoj Devdutt
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