hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Manish Yadav
ishaara koi to kar do ki waapas aa rahe ho tum
ishaara koi to kar do ki waapas aa rahe ho tum | इशारा कोई तो कर दो कि वापस आ रहे हो तुम
- Manish Yadav
इशारा
कोई
तो
कर
दो
कि
वापस
आ
रहे
हो
तुम
किसी
के
क़दमों
की
आहट
मेरी
जानिब
को
आती
है
- Manish Yadav
Download Sher Image
रुके
रुके
से
क़दम
रुक
के
बार
बार
चले
क़रार
दे
के
तिरे
दर
से
बे-क़रार
चले
Gulzar
Send
Download Image
36 Likes
जहाँ
पहुँच
के
क़दम
डगमगाए
हैं
सब
के
उसी
मक़ाम
से
अब
अपना
रास्ता
होगा
Aabid Adeeb
Send
Download Image
30 Likes
आहट
सी
कोई
आए
तो
लगता
है
कि
तुम
हो
साया
कोई
लहराए
तो
लगता
है
कि
तुम
हो
Jaan Nisar Akhtar
Send
Download Image
48 Likes
हम
किसी
दर
पे
न
ठिटके
न
कहीं
दस्तक
दी
सैकड़ों
दर
थे
मिरी
जाँ
तिरे
दर
से
पहले
Ibn E Insha
Send
Download Image
29 Likes
बुरा
मनाया
था
हर
आहट
हर
सरगोशी
का
सोचो
कितना
ध्यान
रखा
उसने
ख़ामोशी
का
तुम
इसका
नुक़सान
बताती
अच्छी
लगती
हो
वरना
हम
को
शौक़
नहीं
है
सिगरेट-नोशी
का
Read Full
Khurram Afaq
Send
Download Image
31 Likes
'अख़्तर'
गुज़रते
लम्हों
की
आहट
पे
यूँँ
न
चौंक
इस
मातमी
जुलूस
में
इक
ज़िंदगी
भी
है
Akhtar Hoshiyarpuri
Send
Download Image
21 Likes
हर
क़दम
हर
साँस
गिरवी
ज़िंदगी
रहम-ओ-करम
इतने
एहसानों
पे
जीने
से
तो
मर
जाना
सही
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
1 Like
इस
से
पहले
कि
बिछड़
जाएँ
हम
दो
क़दम
और
मिरे
साथ
चलो
मुझ
सा
फिर
कोई
न
आएगा
यहाँ
रोक
लो
मुझको
अगर
रोक
सको
Read Full
Nasir Kazmi
Send
Download Image
38 Likes
अभी
तो
शाम
की
दस्तक
हुई
है
अभी
से
लग
गया
बिस्तर
हमारा
यही
तन्हाई
है
जन्नत
हमारी
इसी
जन्नत
में
है
अब
घर
हमारा
Read Full
Vikas Sharma Raaz
Send
Download Image
35 Likes
शोर
की
इस
भीड़
में
ख़ामोश
तन्हाई
सी
तुम
ज़िन्दगी
है
धूप
तो
मद-मस्त
पुर्वाई
सी
तुम
चाहे
महफ़िल
में
रहूँ
चाहे
अकेले
में
रहूँ
गूँजती
रहती
हो
मुझ
में
शोख़
शहनाई
सी
तुम
Read Full
Kunwar Bechain
Send
Download Image
49 Likes
Read More
गए
थे
हम
उनको
बुलाने
वहाँ
पर
न
वो
थे
न
मौसम
सुहाने
वहाँ
पर
उन्हें
बाँहों
में
भरने
की
चाह
में
तब
गुज़ारे
थे
कितने
ज़माने
वहाँ
पर
ख़बर
क्या
परिंदे
फँसे
जाल
में
आ
यूँँ
बिखरे
पड़े
थे
जो
दाने
वहाँ
पर
जो
पूछा
उन्होंने
कि
क्या
काम
है
फिर
लगे
बात
हम
भी
बनाने
वहाँ
पर
Read Full
Manish Yadav
Download Image
1 Like
रही
होगी
हवा
की
कुछ
तो
रंजिश
चराग़ों
को
बुझा
देती
है
आकर
कभी
कर
लूँ
यहाँ
पर
मैं
सुसाइड
ये
ख़ामोशी
डरा
देती
है
आकर
Read Full
Manish Yadav
Send
Download Image
9 Likes
राह
का
रह-गुज़र
ही
निकला
वो
मैंने
समझा
था
हम-सफ़र
उसको
Manish Yadav
Send
Download Image
2 Likes
कि
अबकी
तुम
करो
मुझ
सेे
मुहब्बत
तुम्हें
मैं
छोड़
जाना
चाहता
हूँ
Manish Yadav
Send
Download Image
8 Likes
कोई
तो
कह
रहा
था
चाँद
सा
चेहरा
है
तेरा
फिर
फ़लक
के
सब
सितारे
तुझको
मिलकर
देखते
होंगे
Manish Yadav
Send
Download Image
8 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Bimar Shayari
Patriotic Shayari
Mehndi Shayari
Izhar Shayari
Wafa Shayari