usii kii or main rukh mushkilon ka mod deta hoon | उसी की ओर मैं रुख़ मुश्किलों का मोड़ देता हूॅं

  - MAHESH CHAUHAN NARNAULI
उसीकीओरमैंरुख़मुश्किलोंकामोड़देताहूॅं
मेरेबसमेंहोकुछतोख़ुदापरछोड़देताहूॅं
निभालेताहूॅंऔरोंसेकिएवादेतोअच्छेसे
मगरख़ुदसेकिएवादेमैंअक्सरतोड़देताहूॅं
मुझेअच्छानहींलगताहैख़ालीबैठनाघरमें
सोटूटीघरकीचीज़ोंकोमैंबैठाजोड़देताहूॅं
अचानकऔरबढ़नेलगतीहैलोगोंकीदिलचस्पी
कहानीमेंनयाजैसेहीकोईमोड़देताहूॅं
  - MAHESH CHAUHAN NARNAULI
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