yahaañ sukh ke bitaaye pal kii qeemat bhi bahut thii | यहाँ सुख के बिताए पल की क़ीमत भी बहुत थी

  - Lalit Mohan Joshi
यहाँसुखकेबिताएपलकीक़ीमतभीबहुतथी
लगानादिलपड़ाउसकीज़रूरतभीबहुतथी
बसायाएकदिलमेंथाकईलोगोंकोउसने
मगरउससेेमुझेदेखोमुहब्बतभीबहुतथी
मुझेतोबातपत्थरदिलसेकरनेकोकहाथा
नहींकरबातउससेेमुझ
मेंग़ैरतभीबहुतथी
सुनोमैंयारउसकाज़ख़्मभीहरसहगयाथा
मेरीयानीतबीअतमेंबग़ावतभीबहुतथी
मुहब्बतमेंतोमैंअनजानहीथादर्दसेभी
यक़ीननदिलमिरेतिलभरइनायतभीबहुतथी
यहाँशौहरयूँँहीतोथानहींमशहूरउसका
उसेतोइसग़ज़बफ़नमेंमहारतभीबहुतथी
नईग़ज़लेंसुनायाकरताथाहरशामयारों
बहुतथाजबलिखातबतोसख़ावतभीबहुतथी
  - Lalit Mohan Joshi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy