pyaar jo mujhko musalsal ho raha hai | प्यार जो मुझको मुसलसल हो रहा है

  - Lalit Mohan Joshi
प्यारजोमुझकोमुसलसलहोरहाहै
मसअलाख़ल्वतकाअबहलहोरहाहै
आँसूकादरियासमुंदरहोगयाक्यूँँ
वोकिसीकेग़ममेंपागलहोरहाहै
आजहिचकीक्यूँँलगीहैफिरदुबारा
सोदिल-ए-नादाँतोबोझलहोरहाहै
यारराह-ए-शौक़मुश्किलहैबहुतअब
पासजानाना-मुकम्मलहोरहाहै
चैनकीयेनींदहमकोअबमिलेगी
दिलहमाराअबहिमाचलहोरहाहै
मानतेहैंसब'ललित'कोअबग़ज़ल-गो
उसकोयानीदर्दहरपलहोरहाहै
  - Lalit Mohan Joshi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy