ज़ख़्मताज़ापहलेदेताहैयहाँ
फिरकहेवोअपनातोडरलगताहै
चाँदजागारातभरपूरीयहाँ
आजमानोचाँदबे-घरलगताहै
जिसगलीमेंहोमुकम्मलहरग़ज़ल
उसगलीकारोज़चक्करलगताहै
जोबुलंदीपेपहुँचजातायहाँ
सोवहीदुनियाकोख़ुशतरलगताहै
जीतसेमेरीवोजलनेवालेहाए
खेलसेवोयारबाहरलगताहै
मुश्किलोंमेंहैबचायाउसकोफिर
गरज़बाँखोलेतोबद-तरलगताहै
सालबीतेपाँचदिल्लीशहरमें
येबड़ामुझकोफ़ुसूँ-गरलगताहै
ख़ुद-कुशीजोमुफ़्लिसीमेंकरगया
वोमगरलड़कासुख़न-वरलगताहै