dukh dard phir naseeb ho gaya tha | दुख दर्द फिर नसीब हो गया था

  - Lalit Mohan Joshi
दुखदर्दफिरनसीबहोगयाथा
जैसेमेरानसीबसोगयाथा
ख़ुशबूसेउसकीयारमैंथाज़िंदा
पत्थरसावरनामैंतोहोगयाथा
कलदेरतकथाचाँदमेरीछतपर
मैंबिनगएहीछतपेसोगयाथा
वोबे-वफ़ाहुआतोक्याकहूँमैं
पागलमगरकहींमैंहोगयाथा
ख़तउसनेवोमिरादियाखोला
यादोंमेंक्यूँँमगरमैंखोगयाथा
मिसरेपेपहलेदादवाहसबपर
दूजेपेहरकोईतोरोगयाथा
जादूयेमेराथायाउसकाथाये
हरकोईअबयहाँतोरोगयाथा
महफ़िलमेंगयामुझेवोसुनने
फिररोतेघरकीओरकोगयाथा
अबतो'ललित'सुनाएभीतोक्याही
हरकोईयादमेंयूँँखोगयाथा
  - Lalit Mohan Joshi
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