chhat pe meraa chaand aaya hai | छत पे मेरा चाँद आया है

  - Lalit Mohan Joshi
छतपेमेराचाँदआयाहै
उसकामुझकोदाग़भायाहै
आजकैसेहोअँधेराफिर
चाँदनीनेदिलचुरायाहै
इकअदानेउसकीमुझकोतो
हरमरज़सेफिरबचायाहै
दोस्तअबजीनेदेंगेसब
सबनेपत्थरबनरुलायाहै
चोटपरफिरचोटखानेसे
इकफ़सानाअबकमायाहै
आसमाँकोदेखताहैवो
दर्दयूँँउसनेछुपायाहै
उसकोशायदकामकरनेहै
इसलिएदिलकोलगायाहै
मौतग़महोऔरक्याक्याहै
सबनेदिलकोफिरदुखायाहै
अब'ललित'ख़ामोशइतनाहै
सबकोहँसतेहीदिखायाहै
  - Lalit Mohan Joshi
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